छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने लिया सख्त रुख, केज व्हील ट्रैक्टर पर बैन लागू
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में सोमवार को ट्रैक्टरों में लगे डबल केज व्हील (दोहरी जालीदार बड़े पिछले पहिए) के प्रयोग पर रोक लगाने संबंधी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. यह याचिका त्रिलोचन पटेल बनाम राज्य शासन के नाम से दायर की गई है. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार से अनुपालन रिपोर्ट तलब की थी. इसके पालन में लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अदालत में अपना व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत किया.
केज व्हील ट्रैक्टर को लेकर हाई कोर्ट की सख्ती
हलफनामे में सचिव ने बताया कि अदालत के 24 सितंबर 2025 के आदेश के पालन में राज्य सरकार ने 8 अक्टूबर 2025 को परिवहन आयुक्त, छत्तीसगढ़ रायपुर के माध्यम से सभी क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं.
जारी निर्देशों में इन विषयों का जिक्र
जिन ट्रैक्टरों में डबल केज व्हील लगे हैं, उनका टार और सीमेंटेड सड़कों पर संचालन प्रतिबंधित किया जाए. ऐसे वाहनों पर मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए. जिला प्रशासन की सहायता से इस पर सख्त निगरानी रखी जाए. जनता में जागरूकता लाने के लिए समाचारों और अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जाए.
सड़क पर केज व्हील ट्रैक्टर चलाया तो होगी कार्रवाई
सचिव ने हलफनामे में कहा कि डबल केज व्हील से सुसज्जित ट्रैक्टर न केवल सड़कों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि ये सड़कें जनता के पैसों से बनाई गई हैं, इसलिए इन्हें सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है.
उन्होंने आगे कहा कि परिवहन विभाग द्वारा ऐसे वाहनों पर नियंत्रण के लिए संवेदनशील और सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं और किसानों व वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे ऐसे पहियों वाले ट्रैक्टर सार्वजनिक सड़कों पर न चलाएं. 10 अक्टूबर 2025 को परिवहन विभाग को पत्र भेजकर संबंधित वाहनों और उनके मालिकों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है.

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