भोपाल। मध्य प्रदेश के आसमान से इन दिनों आग बरस रही है। भीषण लू और तपिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात ये हैं कि दोपहर के वक्त सड़कें सूनी हो रही हैं और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस की दहलीज को लांघ चुका है।

भीषण गर्मी के बीच स्कूलों में ताले

बढ़ते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई जिला प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले 5 दिनों में गर्मी का सितम और बढ़ेगा, जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है। शुक्रवार को भी प्रदेश के 11 जिलों में 'लू' (Heat Wave) का अलर्ट जारी किया गया है।

प्रमुख शहरों का हाल (तापमान तालिका)

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के महानगरों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़े हैं:

राहत की उम्मीद: 27 अप्रैल से बदल सकता है मौसम

तपती गर्मी के बीच राहत भरी खबर यह है कि एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 27 अप्रैल को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, और अनूपपुर सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।

स्वास्थ्य विभाग की एडवायजरी: क्या करें और क्या न करें?

बचाव के लिए मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कड़े निर्देश जारी किए हैं:

  • हाइड्रेशन: दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों (नींबू पानी, ओआरएस) का सेवन करें।

  • दोपहर का परहेज: दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच बिना किसी जरूरी काम के बाहर न निकलें।

  • विशेष सावधानी: छोटे बच्चों और बुजुर्गों के खान-पान और शरीर के तापमान का खास ख्याल रखें।