करोड़ों का खेल, संवेदनशील पद और प्रशासनिक संरक्षण का बड़ा खुलासा
प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में पिछले दो वर्षों से चल रही चर्चाएँ अब गंभीर आरोपों के रूप में सामने आने लगी हैं। उच्च-स्तरीय मंत्रालयीय सूत्रों के अनुसार—नियत वेतन पर नियुक्त महज़ तीन कर्मचारी, अब संवेदनशील प्रशासनिक पदों पर बैठे हैं और उनके इर्द-गिर्द करोड़ों रुपये के लेन-देन, अनुमानों से परे संपत्ति, और फैसले बदलने की क्षमता जैसे आरोप उभर रहे हैं।
🏛 विधानसभा में उठा मुद्दा—लेकिन कार्रवाई “शून्य”
इन कर्मचारियों की भूमिका को लेकर Legislature से लेकर Media तक सवाल उठे, परंतु सूत्रों का दावा है कि मजबूत राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण के चलते अब तक किसी पर भी कार्रवाई नहीं हुई।
सूत्रों के शब्दों में—
“यह नेटवर्क अब विभागीय स्तर से निकलकर राज्य-स्तरीय प्रभाव वाला तंत्र बन चुका है।”
🚨 तीन संकेतित भूमिकाएँ — और तीनों में एक जैसा पैटर्न
1️⃣ Nursing Approval System में हस्तक्षेप की भूमिका
एक कर्मचारी—जो मूल रूप से मेडिकल कॉलेज स्तर के सामान्य प्रशासनिक कार्यों के लिए नियुक्त था—आज Nursing Council की प्रक्रियाओं में सक्रिय बताया जा रहा है।
जिन बिंदुओं पर आरोप:
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कॉलेज निरीक्षण
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सीट अनुमोदन
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फाइल मूवमेंट
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नियमों का मनमाना interpretation
सूत्रों के अनुसार, निजी संस्थानों से लेकर admission approvals तक में इस भूमिका को “छाया-संचालन” की तरह देखा गया है।
2️⃣ UG/PG मेडिकल काउंसलिंग में ‘अनधिकृत सुपरविजन’
दूसरा फिक्स्ड-पे कर्मचारी Rewa मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक ढांचे से उठकर सीधे DME ऑफिस में attach किया गया—जहाँ चिकित्सा प्रवेश प्रक्रिया जैसी अत्यंत तकनीकी और संवेदनशील जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं।
आरोपों में शामिल:
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NRI सीट आवंटन में अनियमितता
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stray round में favoritism
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technical criteria में बदलाव
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verification bypass
सूत्रों के अनुसार—यह भूमिका कई करोड़ रुपये के admission ecology को प्रभावित करती रही है।
3️⃣ कॉर्पोरेशन स्तर पर मेडिकल उपकरणों की खरीद में दखल
तीसरा कर्मचारी—जिसकी मूल तैनाती Biomedical services तक सीमित थी—उसे state-level medical procurement unit में attach किया गया, जहाँ लोन-टेंडरिंग, vendor approval और करोडों की खरीद होती है।
आरोपों में शामिल:
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quotation सेट-अप
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विशेष suppliers को लाभ
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अनौपचारिक बैठकें और influence
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oversight committees पर दबाव
⚠ “तीन लोग—एक पैटर्न”—सूत्रों ने जताई गंभीर आशंका
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सभी fixed pay कर्मचारी
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सभी को non-core कार्यों के लिए नियुक्त किया गया था
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सभी को संवेदनशील निर्णय-आधारित भूमिकाओं में attach किया गया
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सभी की अनुपातहीन संपत्ति पर सवाल
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और तीनों के इर्द-गिर्द करोड़ों के लेन-देन की चर्चाएँ
सूत्रों ने टिप्पणी की:
“यह संयोग नहीं—यह एक संरचित नेटवर्क है।”
❓ बड़ा सवाल — क्या प्रदेश का स्वास्थ्य तंत्र आउटसोर्स-शक्ति पर चल रहा है?
Nursing admission, medical counselling और equipment procurement—तीन अलग-अलग सेक्टर हैं, पर तीनों के केंद्र में यही तीन fixed-pay कर्मचारी दिखाई देते हैं।
अब सवाल यह नहीं कि यह खेल हो रहा है या नहीं—
सवाल यह है कि यह खेल किसके संरक्षण में चल रहा है?

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