अमाल मलिक ने एआर रहमान के कमेंट को बताया 'काफी हद तक सही', कहा- 'ग्रुपिज्म है'
ऑस्कर विनर एआर रहमान इन दिनों लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। एआर रहमान ने हाल ही में बॉलीवुड में कथित सांप्रदायिक भेदभाव पर एक स्टेटमेंट दिया, जिसे बाद से उन्हें लेकर कॉन्ट्रोवर्सी शुरू हो गई है। रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा कि म्यूजिक इंडस्ट्री में पॉवर शिफ्ट होने की वजह से उन्हें काम कम मिल रहा है कुछ सालों से। उन्होंने यह भी कहा था कि ये सब शायद उनके धर्म की वजह से भी हो सकता है। हालांकि' उनका ये कमेंट पर कई लोगों और इंडस्ट्री के अंदर के लोगों को पसंद नहीं आया। इस पर अब तक कई सेलेब्स अपने रिएक्शन दे चुके हैं। ऐसे में अब सिंगर अमाल मलिक ने इस पर अपनी बात रखी है।
मैं इसके सांप्रदायिक पहलू से सहमत नहीं हूं
'बिग बॉस 19' फेम सिंगर अमाल मलिक ने हाल ही में अपना इंटरव्यू दिया। इस दौरान सिंगर ने एआर रहमान की बातों को 'काफी हद तक सही' कहा। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, फरीदून शहरयार के साथ बातचीत के दौरान अमाल ने कहा, 'इंडस्ट्री के नजरिए से, उन्होंने जो कहा है वह काफी हद तक सही है। हालांकि, मैं इसके सांप्रदायिक पहलू से सहमत नहीं हूं। भाई-भतीजावाद और ग्रुपिज्म को भूल जाइए- आज, हर लेबल अपने कलाकारों के साथ काम करने में सहज है। वे उन कलाकारों को प्रमोट करते हैं क्योंकि वे रेवेन्यू लाते हैं। आज के समय में, लेबल असली फैसले लेने वाले बन गए हैं।'
ग्रुपिज्म है, अच्छे और बुरे दोनों तरह से
अमाल मलिक ने आगे कहा, 'यह मैनेजमेंट और एजेंसियों का ज़माना है। ग्रुपिज्म है, अच्छे और बुरे दोनों तरह से। आप देख सकते हैं कि कैसे मणिरत्नम सर लगभग सिर्फ रहमान सर के साथ काम करते हैं, या कैसे अनुराग बसु ज्यादातर प्रीतम दा के साथ कोलैबोरेट करते हैं। मैंने एक बार अनुराग बसु सर से कहा था कि मुझे उनका काम बहुत पसंद है, और उन्होंने कहा कि वह सिर्फ प्रीतम की म्यूजिकल भाषा में सोचते हैं। ये क्रिएटिव तालमेल स्वाभाविक रूप से बनते हैं। लेबल अपने आर्टिस्ट के साथ कम्फर्टेबल होते हैं - और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन अगर कोई बेहतर म्यूज़िक बना रहा है, तो उसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए, चाहे वह एआर रहमान हों या कोई नया कलाकार।'
आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका अच्छा संगीत बनाते रहना
अमाल ने यह भी स्टेटमेंट दिया कि एआर रहमान का बयान उनकी 'इनसिक्योरिटी' नहीं है। अमाल ने आगे कहा, 'आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका अच्छा संगीत बनाने पर ध्यान देना है। मैं एक साथ 15 फिल्में करने के पीछे नहीं भागता। मैं समझता हूं कि वह क्या कहना चाह रहे हैं। यह एआर रहमान की इनसिक्योरिटी नहीं है - वह इसके लिए बहुत बड़े हैं। वह सिर्फ आइसबर्ग का एक छोटा सा हिस्सा दिखा रहे हैं। वह यह बता रहे हैं कि उनके कद के व्यक्ति को भी किनारे किया जा सकता है। आज बड़े खिलाड़ियों की ज़्यादा चलती है और वे सिस्टम पर हावी हो रहे हैं।'
क्या कहा था एआर रहमान ने
दरअसल, रहमान ने बीबीसी एशियन नेटवर्थ को दिए इंटरव्यू में कहा था कि लोग जो क्रिएटिव नहीं हैं उन्हें पॉवर दी जाती है डिसाइड करने के लिए और कहीं न कहीं धर्म की वजह से भी ऐसा हो सकता है। उन्होंने कहा था कि उन्हें ऐसी बातें सुनने में आई हैं।
एआर रहमान ने फिर दी थी सफाई
हालांकि रहमान ने फिर सफाई देते हुए कहा था कि वह अपने म्यूजिक के जरिए इंडिया के हर कल्चर से कनेक्ट करते हैं और इससे वह कभी किसी को हर्ट नहीं कर सकते हैं। उन्होंने अपने उन प्रोजेक्ट्स को भी हाईलाइट किया जिसके जरिए वह देश के कल्चर और म्यूजिक को लेकर डेडिकेशन दिखाई है।

'विशेषाधिकार' प्रस्ताव के सवाल पर मीडिया पर भड़के राहुल गांधी, लगाये गंभीर आरोप
विदिशा में बारातियों से भरी कार हादसे का शिकार, 3 लोगों की मौत, 7 गंभीर घायल
10वीं की परीक्षा आज से शुरू! एग्जाम हॉल में घुसने से पहले छात्र जरूर पढ़ें ये 5 जरूरी नियम, वरना हो सकती है परेशानी
BJP ने असम–पश्चिम बंगाल चुनाव में छत्तीसगढ़ नेताओं को सौंपी अहम जिम्मेदारी