मुल्तानी मिट्टी बनाम बेसन: चेहरे के लिए कौन है ज़्यादा असरदार?
हम में से ज्यादातर लोग खूबसूरत दिखने के लिए बाजार में उपलब्ध कई तरह के प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं. वहीं, कई लोग नेचुरल कॉस्मेटिक, जैसे नेचुरल साबुन, शैंपू और तेल का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि ये चीजें उनकी त्वचा और बालों के लिए बेहतर होती हैं और केमिकल फ्री होती हैं. प्राकृतिक सौंदर्य प्रसाधनों में लोग सबसे ज्यादा मुल्तानी मिट्टी और बेसन का इस्तेमाल करते हैं.
आपको बता दें, मुल्तानी मिट्टी और बेसन का इस्तेमाल ज्यादातर प्राकृतिक फेस मास्क और स्क्रब के तौर पर किया जाता है. वहीं, मुल्तानी मिट्टी त्वचा को साफ और चमकदार बनाने में मदद करती है, जबकि बेसन त्वचा को पोषण देता है और मुंहासे और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए कारगर है. ऐसे में खबर के जरिए हम जानेंगे कि इन दोनों में से कौन सी चीज त्वचा को चमकदार और स्वस्थ बनाती है? आइए अब जानते हैं...
मुल्तानी मिट्टी के उपयोग
आयुर्वेद में मुल्तानी मिट्टी का बहुत महत्व है, इसे फुलर अर्थ भी कहा जाता है. इसका इस्तेमाल कई तरह के सौंदर्य प्रसाधनों में भी किया जाता है. कहा जाता है कि मुल्तानी मिट्टी त्वचा को मुलायम बनाने में बहुत कारगर है. इसके साथ ही यह दाग-धब्बे हटाने में भी उपयोगी है.मुल्तानी मिट्टी खास तौर पर त्वचा को साफ करने और त्वचा के तेल को नियंत्रित करने के लिए कारगर मानी जाती है. मुल्तानी मिट्टी त्वचा की गहराई से सफाई करने के साथ-साथ दाग-धब्बों को दूर करने में भी मदद करती है. ऑयली स्किन और चेहरे पर पिगमेंटेशन वाले लोग इसे मुल्तानी मिट्टी से इसे कंट्रोल कर सकते हैं
चने का आटे (बेसन)के फायदे
विशेषज्ञ बताते हैं कि बेसन त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है. यह त्वचा से मृत कोशिकाओं को हटाता है और त्वचा में चमक लाता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि बेसन मुल्तानी मिट्टी की तुलना में त्वचा को प्राकृतिक रूप से अधिक चमकदार बनाता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि ऑयली स्किन वाले लोगों को बेसन का इस्तेमाल करना चाहिए. इसके लिए चार चम्मच बेसन में एक चम्मच गुलाब जल और दो चम्मच शहद डालकर अच्छे से मिलाएं और चेहरे और गर्दन पर लगाएं. सूखने तक इसे लगाकर रखें और फिर ठंडे पानी से धो लें. विशेषज्ञों ने बताया है कि हर दिन ऐसा करने से त्वचा संबंधी कई समस्याएं कम हो सकती हैं
दोनों में से कौन बेहतर है?
वैसे तो मुल्तानी मिट्टी और बेसन दोनों ही त्वचा को निखारने के लिए माने जाते हैं. लेकिन विशेषज्ञ स्किन टाइप के आधार पर इनका चुनाव करने की सलाह देते हैं बेसन का इस्तेमाल रूखी त्वचा को नमी देने लिए किया जाता है. ऑयली स्किन वालों को मुंहासों से बचने के लिए मुल्तानी मिट्टी लगाने की सलाह दी जाती है.

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