धान तैयार… पर केंद्र बंद
🔥 किसान लाइन में… अफसर AC में
✋ समस्या बताने पर थप्पड़!
📢 सरकार कहती है सब ठीक—जमीन कहती है सब फेल
⛔ धान खरीदी 3 दिन से ठप—किसान बदहाल
📉 जीरो खरीदी… जीरो जवाबदेही… जीरो संवेदना
⚠️ कब तक किसान भुगतेगा अफसरशाही का अन्याय?
🗣️ किसान का सवाल—“हम जिएँ कैसे?”
⚔️ अब किसान अपने हक़ की लड़ाई सड़क पर लड़ेगा!

 

उमरिया जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में देरी से आफत में किसान, खरीदी की औपचारिक शुरुआत लेकिन तीसरे दिन भी ज्यादातर केंद्रों के नहीं खुले ताले ।

प्रदेश में एक दिसंबर से एमएसपी पर धान खरीदी की शुरुआत के बाद भी उमरिया जिले में ज्यादातर केंद्र सूने पड़े है,कुछ केंद्रों में भले ही खरीदी शुरू कर दी हो लेकिन जहां अभी तैयारी नहीं है वहां के किसानो का क्या..? चूंकि धान की इसी पूंजी पर किसानो का पूरा दारोमदार होता है चाहे पिछला कर्ज पटाने का दबाव हो या फिर अगली बोनी की तैयारी के साथ घरेलू और पारिवारिक खर्च का टेंशन सब इसी के बूते तो किसान परेशान होगा ही,लेकिन इसे देखने वाला कोई नहीं,अफसर कार्यालय से सब सुचारू रूप से चलने का दम भर देते है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और कहती है,खासबात तो ये की जब सबकुछ ऑनलाइन है तो फिर अफसरो को जीरो खरीदी वाले केंद्र का डाटा कैसे पता नहीं होता,या फिर सब मिलजुली सरकार है और किसानों की आफत से किसी को कोई मतलब नहीं ।